수요 예측 에세이 | 힌디어 | 상품 | 경제학

다음은 9, 10, 11 및 12 클래스의 '수요 예측'에 대한 에세이입니다. 특히 힌디어로 학교 및 대학생을 위해 작성된 '수요 예측'에 대한 단락 및 길고 짧은 에세이를 찾으십시오.

수요 예측


에세이 내용 :

  1. माँग पूर्वानुमान का अर्थ एवं परिभाषाएँ (수요 예측의 의미 및 정의)
  2. माँग पूर्वानुमान के उद्देश्य, प्रयोजन अथवा आवश्यकता (목적, 목적 또는 수요 예측 필요)
  3. माँग पूर्वानुमान अथवा विक्रय पूर्वानुमान से सम बबद्ध तत्व अथवा निर्धारक (요구 된 수요 또는 판매 예측 요인)
  4. एक अच्छी पूर्वानुमान पद्धति कद गुण, कसौटियाँ, आवश्यकताएँ अथवा विशेषताएँ (좋은 예측 시스템의 필수 요소)
  5. माँग पूर्वानुमान अथवा विक्रय पूर्वानुमान का महत्व एवं लाभ (요구 예측 또는 판매 예측의 중요성과 장점)
  6. माँग पूर्वानुमान की सीमाएँ (수요 예측의 한계)


에세이 # 1. 수요 예측의 의미와 정의 :

अर्थ (의미) :

साधारण बोल-चाल की भाषा में माँग पूर्वानुमान से आशय किसी निश्चित अवधि में वस्तु की सम्भावित माँग या सम्भावित विक्रय का अनुमान लगाने से है जो मूल्य या मात्रा अथवा दोनों रूपों में व्यक्त किये जा सकते हैं.

माँग पूर्वानुमान दो शब्दों – माँग 비디오 비디오 माँग का अर्थ प्रभावपूर्ण इच्छा (Effective Desire) होता है, जबकि पूर्वानुमान अर्थात् पूर पाप पाप पाप पाप प 생 माँग पूर्वानुमान किसी निश्चित अवधि के लिए संस्था के विक्रय मात्रा VIDEO र मूल्य का वैज्ञानिक ढंग पं 생

माँग पूर्वानुमान की परिभाषा (정의) :

माँग पूर्वानुमान से सम्बन्धित कुछ परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं :

에이. 이 질문에 대한 답변이 없습니다.

비. फिलिप कोटलर के अनुसार "कम्पनी के विक्रय (माँग) पूर्वानुमान का अभिप्राय एक चुनी हुई विपणन योजना तथा कल्पित विपणन वातावरण पर आधारित कम्पनी के सम्भावित बिक्री स्तर से है."

씨. अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार "विक्रय पूर्वानुमान का अभिप्राय एक प्रस्तावित विपणन योजना का कार्यक्रम तथा पूर्वानुमान लगाने वाली संस्था के बाहर कल्पित आर्थिक एवं अन्य घटकों के संयोग के अन्तर्गत एक निर्दिष्ट भावी अवधि के लिए बिक्री या अनुमान डॉलरों या भौतिक इकाइयों में लगाने से है ।”

디. कण्डिफ एवं स्टिल की राय में "एक प्रस्तावित विपणन योजना के अन्तर्गत भावी अनियन्त्रणीय और प्रतिस्पर्द्धी शक्तियों का अनुमान लगाते हुए किसी विशिष्ट भावी अवधि की बिक्री का अनुमान ही विक्रय पूर्वानुमान कहलाता है."

पूर्वानुमान की विशेषताएँ :

पर्युक्त परिभाषाओं में माँग पूर्वानुमान की निम्नलिखित विशेषताओं का आभास होता है :

(i) माँग पूर्वानुमान एक निश्चित अवधि में वस्तु की सम्भावित माँग अथवा सम्भावित बिक्री कक व्यक्प कं व

(ii) सम्भावित माँग या बिक्री, मूल्य या मात्रा अथवा दोनों रूपों में ही दर्शायी जा सकती है।

(iii) माँग पूर्वानुमान में भूतकालीन तथा वर्तमान अनुभवों के साथ-साथ परिवर्तनों को भी ध्या े ं। 생

(iv) माँग पूर्वानुमान केवल भावी माँग का अनुमान मात्र है।

(v) मांग पूर्वानुमान लगाने में सांख्यिकीय एवं पद्धतियों का व्यापक उपयोग किया जाता है।

(vi) माँग पूर्वानुमान चुनी हुई योजना तथा कल्पित वातावरण पर आधारित होती है।


에세이 # 2입니다. (목적, 목적 또는 수요 예측 필요) :

समय के आधार पर माँग पूर्वानुमान दो प्रकार के होते हैं - प्रथम, अल्पकालीन पूर्वानुमान और द्वितीय, दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान. अल्पकालीन माँग पूर्वानुमान VIDEO र दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान दोनों के ही उद्देद्य पृथक्-पृथक् हपपहहहहहहहहहहहहहहहहह 생

जैसा कि निम्नलिखित विवरण से स्पष्ट हो जाएगा :

I. अल्पकालीन माँग पूर्वानुमान के उद्देश्य (단기 수요 예측의 목표) :

이 질문에 대한 답변이 없습니다.

अल्पकालीन माँग पूर्वानुमान के उद्देश्य निम्नलिखित हैं :

( i) उपयुक्त उत्पादन नीति का निर्धारण (생산 정책 수립) :

माँग या बिक्री के अल्पकालीन पूर्वानुमान का महत्वपूर्ण उद्देश्य भावी माँग के अनुरूप उत्पादन की उचित व्यवस्था करना है, ताकि माँग और पूर्ति में सामंजस्य बना रहे और फर्म को अति उत्पादन या कम उत्पादन की समस्या का सामना न करना पड़े.

( ii) 가격 정책 (가격 정책 결정) :

माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य मूल्य नीति का निर्धारण करना है, ताकि तेजी के समय में मूल्यों में कमी न करनी पड़े और मंदी के समय में मूल्य बढ़ाने की समस्या उत्पन्न न हो.

( iii) 화학 물질 (원료의 가용성) :

माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य उत्पादन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करन के लिए निरि पा पा पा पा पा 생 औससे स्टॉक संग्रह लागत में कमी आती है VIDEO र साथ-साथ कच्चे माल की पूर्ति भी सम्भव होती है।

( iv) 금융 정보 : (Availability of Finance) :

माँग पूर्वानुमान द्वारा भावी माँग के अनुरूप उत्पादन करने के लिए आवश्यकता अनुसार वित्तीय व्यवस्था की जाती है, ताकि समय पर उपयुक्त शर्तों पर पर्याप्त वित्त-उपलब्ध हो सके.

( v) श्रम की नियमित पूर्ति (정규 노동의 공급) :

माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य भावी माँग के अनुरूप उत्पादन के लिए पर्याप्त कुशल एवं अकुशल श्रमिकों की उचित व्यवस्था करना भी होता है, ताकि उत्पादन कार्य का संचालन सुचारू रूप से हो सके.

( vi) 기계의 최적 사용 : (최적의 기계 사용) : ( vi) मशीनों का अनुकूलतम उपयोग (최적의 기계 사용) :

माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य उत्पादन हेतु मशीनों का अनुकूलतम उपयोग करना है, ताकि माँग कम होने पर मशीनें बेकार न रहें और माँग बढ़ने पर उत्पादन बढ़ाने में गतिरोध उत्पन्न न हो.

( vii) 다음 항목 (Serring Sales Targets) :

माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के विक्रय प्रतिनिधियों के लिए विक्रय लक्ष्यों का निर्धारण करना, उपयुक्त नियन्त्रण लागू करना तथा उत्प्रेरण अथवा प्रलोभन प्रदान करना होता है.

II. दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान के उद्देश्य (장기 수요 예측의 목표) :

जब व्यावसायिक फर्मेंए इसे ही दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान कहा जाता है।

이 사진을 보려면 다음과 같이하십시오 : : ँदादः निम्नलिखित हैं :

( i) 시스템 용량 계획 (Plant Capacity Planning) :

दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान प्रबन्धकों को भावी माँग के सम्बन्ध में आवश्यक सूचना उपलब्ध कराके उन्हें क्षमता के सम्बन्ध में आवश्यक मार्गदर्शन देते हैं. अगर प्लाण्ट (संयंत्र) क्षमता पर्याप्त नहीं है तो नया प्लाण्ट लगाने का प्रयास किया जाता है अथवा वर्तमान प्लाण्ट के ही विस्तार की योजनाएँ बनायी जाती हैं.

( ii) 재무 제표 계획 (장기 재무 요구 사항 계획) :

धन जुटाने के लिए बहुत पहले से ही योजना बनानी पड़ती है। अतः दीर्घकालीन वित्तीयआआ

( iii) श्रम शक्ति सम्बन्धी आवश्यकताओं की योजना बनाना (인력 필요 계획) :

प्रशिक्षण तथा कर्मचारियों का विकास ऐसे कार्य हैं जिन्हें पूरा करने में काफी समय लगता है। इन्हें से पहले तभी शुरू किया जा सकता है जबकि दीर्घकालीन विक्रय अनुमानपा पर श्रापा पा पा पा पा पा पा 생

( iv) 다음과 같은 내용 (장기 마케팅 및 가격 정책 결정) :

दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भावी माँग को देखते हुए उसके अनुरूप ही उपयुक्त एवं स्थायी विपणन एवं मूल्य नीति-निर्धारित करना है, ताकि मूल्यों में यथासम्भव स्थिरता रहे और विपणन कार्य दीर्घकाल तक कुशलता से चलता रहे.


에세이 # 3. माँग पूर्वानुमान अथवा विक्रय पूर्वानुमान से सम्बद्ध तत्व अथवा निर्धारक ( 요구 또는 판매 예측 요인) :

माँग का पूर्वानुमान करने में कम से कम निन्नलिखित बातों पर विचार करना आवश्यक होता है :

1. अवधि (기간) :

पहली बात यह है कि पूर्वानुमान कितना दीर्घकालीन किया जाना है।

इस सम्बन्ध में दो प्रकार के पूर्वानुमान किये जा सकते हैं :

( a) 현재 위치 :

जिनकी अवधि सामान्यतः एक वर्ष या उससे कम होती है। शीघ्र नष्ट होने वाली यो मौसमी वस्तुओं के लिए अल्पकालीन माँग पूर्वानुमान उपयुक्त रहते हैं।

( b) 다음과 같이 작성하십시오 :

जिनकी अवधि सामान्यतः एक वर्ष से अधिक होती है। जिन उद्योगों में स्थायी सम्पत्तियों का जीवन काल लम्बा, पूँजीगत व्यय अधिक और तुरन्त लाभ की सम्भावना कम होती है, उनमें दीर्घकालीन माँग पूर्वानुमान ही उपयुक्त होते हैं.

2. माँग पूर्वानुमान के स्तर (예측 수준) :

स्तर की दृष्टि से माँग पूर्वानुमान निम्नलिखित तीन प्रकार के हो सकत है सोत हैं :

( a) समष्टि या विशद स्तर (매크로 레벨) :

इसका सम्बन्ध अर्थव्यवस्था की समस्त आर्थिक एवं व्यावसायिक दशाओं से है और व्यापक स्तर पर माँग का पूर्वानुमान राष्ट्रीय उत्पादन, रोजगार सामान्य मूल्यों, कुल उपभोग एवं व्यय सम्बन्धी निर्देशांकों पर आधारित किया जाता है.

( b) 비디오 작성 : 산업 수준 (산업 수준) :

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( c) र्म स्तर (펌 레벨) :

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3. सामान्य अथवा विशिष्ट पूर्वानुमान (일반 또는 특정 예측) :

माँग पूर्वानुमान में यह भह निश्चित करना पड़ता है कि माँग पूर्वानुमान सामान्य हो अथवा विशिष्ट। सामान्य पूर्वानुमान माँग तो उत्पादन नियोजन के लिए उपयोगी होती है जबकि विशिष्ट पूर्वानुमानों से अलग-अलग क्षेत्रों की योजनाओं व उनके नियन्त्रणों में सहायता मिलती है.

4. 제품 분류 (상품 분류) :

माँग पूर्वानुमान में वस्तुओं की प्रकृति की भिन्नता के कारण उनका वर्गीकण करना महत्वपपररणणहहाहैहहाहै

더 많은 정보를 보시려면 여기를 클릭하십시오. : म ौ ै ै ै ै

(a) पूँजीगत वस्तुएँ,

(b) उत्पादक वस्तुएँ,

(c) निर्यात वस्तुएँ एवं

(d) अन्य उपभोक्ता वस्तुएँ video र सेवाएँ।

य ् ् ् ी ी ी ी ր उ ् ी 서

5. 시장에있는 제품의 위치 :

बाजार में वस्तुओं की स्थिति का भी पूर्वानुमान की विधियों एवं समस्याओं पर प्रभाव पड़ता है।

( a) 여기에는 :

स्थापित वस्तुओं का माँग पूर्वानुमान सामायिक क्रिया (Routine Procedure) है। औ त त त त त त त त त त त त त त त त 섰 भ भ भ त   चूँकि अनुमान काल में माँग तत्व कम ही परिवर्तनशील होते हैं इसलिए अनुमान कार्य सरल हो जाता है ।ा

( b) न : वस्तुओं का माँग पूर्वानुमान :

विद्यमान वस्तुओं से नयी वस्तुओं के माँग पूर्वानुमान की पद्धतियाँ अलग होत हैं। इसका कारण यह है कि वस्तु फर्म तथा अर्थव्यवस्था दोनों ही के लिए नई होती है, अततः इसके प्रतिद्वन्द्वियों और उपभोक्ता प्रवृत्तियों का विश्लेषण कठिन होता है.

6. 제품 및 시장과 관련된 특정 요인 : वस्तु तथा बाजार से सम्बन्धित विशिष्ट तत्व :

अन्त में प्रत्येक पूर्वानुमान में वस्तु तथा उसके बाजार के विशेष तत्वों को ध्यान में रखना चाहि ए बाजार में प्रतियोगिता की प्रकृति, अनिश्चितता या अनुमापन योग्य जोखिम तथा पूर्वानुमान में अशुद्धि या त्रुटि की सम्भावना पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए. कुछ दशाओं में जैसे, स्त्रियों की पोशाकों के बारे में सामाजिक तत्व भी अत्यधिक महत्व के होते हैते


에세이 # 4. ing क अच्छी पूर्वानुमान पद्धति के गुण , कसौटियाँ, आवश्यकताएँ अथवा विशेषताएँ (좋은 예측 시스템의 필수 요소) :

पूर्वानुमान पद्धति की श्रेष्ठता फर्म के उपज की प्रकृति, फर्म के साधन, समय व शुद्धता आदि सापाप पाप पाप प 생

फिर भी एक अच्छी पूर्वानुमान पद्धति में निम्नलिखित विशेषताओं को होना चाहिए :

에이. शुद्धता ( 정확도) :

पूर्वानुमान की पद्धति के शुद्ध पूर्वानुमानों की अपेक्षा की जाती है, अतः पू पप पाप पाप प 생 वे जितने ही वास्तविस्तविकता के समीप होंगे, उतने ही शुद्धता के परिचायक होंगे।

비. विश्वसनीयता ( 신뢰성) :

जिन विधियों का पूर्वानुमान के लिए प्रयोग किया जाए, उनमें प्रबन्धक का विश्वास होना चाहिए। परिणामों कच उचित व्याख्या के लिए इन विधियो को भली-भाँति समझना चाहिए। यदि प्रबन्धक पूर्वानुमानकर्त्ता द्वारा उपयोग में लायी गई गणितीय एवं अर्थमितीय विधियों को समझने मे असमर्थ है, तो इन विधियों की उपयुक्तता भी कम समझी जाएगी.

씨. मितव्ययिता (이코노미) :

पूर्वानुमान पद्धति ऐसी होनी चाहिए कि पूर्वानुमान में आने वाले खर्च उससे होने वाले लाभ से अि 생생

디. सूचनाओं की उपलब्धता (정보의 가용성) :

पूर्वानुमान पद्धति ऐसी होनी चाहिए कि उससे सम्बन्धित सूचनाएँ शीघ्रता एवं सुगमता से उपलबध 이 책에 대한 모든 정보가 있습니다. अधिक समय लगाने से हो सकता है कि प्रभावशाली प्रबन्धकीय निर्णय की दृष्टि से काफी विलम्ब हो जाए।

이자형. सरलता (단순) :

पूर्वानुमान पद्धति यथासम्भव सरल होनी चाहिए क्योंकि जटिलता और तकनीकी तरीकों से युक्त पद्धति में आवश्यक योग्यता, रुचि एवं शुद्धता सामान्यतः नहीं आ पाती.

에프. लोचशीलता (유연성) :

पूर्वानुमान पद्धति ऐसी लोचपूर्ण होनी चाहिए कि विभिन्न चरों में होने वाले परिवर्तनों के समंकों व सूचनाओं के प्रयोग से पूर्वानुमानों में आवश्यक समायोजन किया जा सके और अधिक शुद्ध और विश्वसनीय पूर्वानुमान तैयार किया जा सके.

지. सामयिकता एवं स्थायित्व (적시적이고 안정적인) :

पूर्वानुमान पद्धति की विशेषता इसमें भी निहित है कि पूर्वानुमान उचित समय पर किया जाए तथा उसमें यथासम्भव स्थिरता की प्रकृति रहे अन्यथा भावी नियोजन करना कठिन हो जायेगा.


에세이 # 5. 요구 사항 예측 또는 판매 예측의 중요성과 장점) : say Demand Demand Demand Demand Demand Demand Demand Demand Demand Demand Demand

माँग पूर्वानुमान का आज की जटिल उत्पादन व्यवस्था में अपना एक विशेष महत्व है। 이 책에 대한 답변이 없습니다.

सेक्षेप में, माँग पूर्वानुमान का महत्व निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट हो जायेगा :

A. फर्म की स्थापना का आधार (회사 설립 근거) :

माँग के पूर्वानुमान के आधार पर ही साहसी किसी नई फर्म की स्थापना सम्बन्धी निर्णय लेते हैं । वस्तु की अधिक भावी माँग नई इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करती है जबकि माँग की कमी नई इकाइयों की स्थापाना को हतोत्साहित करती है ।

B. संयन्त्र के आधार का निर्धारण (Determination of Plant Size):

माँग पूर्वानुमान एक ओर तथा संयन्त्र के आकार के निर्धारण में सहायक होते हैं और दूसरी ओर यह भी बताते हैं कि संयन्त्र का आकार छोटा हो या बड़ा । अलग-अलग क्षेत्रों में पूर्वानुमान फर्म के स्थान के निर्धारण में योग देते हैं और यदि भावी माँग अधिक होने की सम्भावना होती है तो संयन्त्र का आकार भी बड़ा ही होगा ।

C. उत्पादन नियोजन (Producing Planning):

माँग पूर्वानुमान का सबसे अधिक महत्व उत्पादन के नियोजन में है । फर्म भावी माँग के अनुरूप ही उत्पादन करने का प्रयत्न करती है, ताकि उसके समक्ष अति उत्पादन अथवा न्यून उत्पादन की समस्याएँ न आ सकें ।

D. कच्चे माल की उपलब्धता (Availability of Raw Materials):

माँग पूर्वानुमान का महत्व भावी माँग के अनुसार उत्पादन के लिए कच्चे माल की नियमित उपलब्धि करने में भी निहित है । उससे एक ओर तो कच्चे माल के अभाव से उत्पादन कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं होती और दूसरे कच्चे माल के स्टाक संग्रह की लागत में वृद्धि नहीं होती ।

E. श्रम शक्ति नियोजन (Labour-Power Planning):

माँग पूर्वानुमान उत्पादन हेतु आवश्यक श्रम शक्ति की व्यवस्था करने में भी सहायक होता है, फलतः श्रम की कमी से उत्पादन कार्य में गतिरोध उत्पन्न नहीं होता और श्रम आधिक्य अपव्यय को रोकने में सहायता मिलती है ।

F. वित्त नियोजन (Finance Planning):

भावी माँग के अनुरूप उत्पादन तथा विपणन व्यवस्था के लिए आवश्यक वित्त एवं पूँजी साधनों की नियमित एवं सुविधाजनक पूर्ति के लिए भी माँग पूर्वानुमान महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देते हैं ।

G. क्षमता विस्तार (Capacity of Expansion):

माँग पूर्वानुमान का महत्व न केवल मशीनों के अधिकतम उपयोजन में है बल्कि भावी माँग के अनुरूप उत्पादन करने के लिए क्षमता विस्तार में भी है, ताकि भावी माँग का लाभ प्राप्त किया जा सके ।

H. लागतों में कमी में सहायक (Helpful in Reduction of Costs):

जब माँग पूर्वानुमान सभी प्रकार के नियोजन का आधार है तो प्रभावी नियोजन से लागतों में कमी आती है और लागतों में गिरावट अधिक उत्पादन और ऊँचे लाभ प्राप्त करने में सहायक होते हैं ।

I. उपयुक्त कीमत नीति (Suitable Price Policy):

फर्म के लिए उपयुक्त कीमत नीति निर्धारण करने में भी माँग पूर्वानुमान का महत्व अत्यधिक है ।

J. बिक्री नियन्त्रण (Sales Control):

माँग पूर्वानुमान बिक्री के प्रयत्नों को दिशा निर्देश और आधार प्रदान करता है तथा उन पर प्रभावी नियन्त्रण में योग देता है क्योंकि पूर्वानुमानों के अनुसार क्षेत्रीय बिक्री एजेण्टों के बिक्री अभ्यंश (Quoto or Targets) निर्धारित करके विक्रय कुशलता को मापा जा सकता है जिससे नियन्त्रण सम्भव होता है ।


Essay # 6. माँग पूर्वानुमान की सीमाएँ (Limitations of Demand Forecasting):

माँग पूर्वानुमान की निम्नलिखित सीमाएँ हैं:

나는 . आँकड़ों का अभाव (Lack of Data):

माँग पूर्वानुमान सामान्यतः भूतकालीन विक्रय के आधार पर लगाये जाते हैं परन्तु इस प्रकार के आँकडें सरलता से उपलब्ध नहीं हो पाते ।

ii . व्ययपूर्ण प्रक्रिया (Expensive Process):

पूर्वानुमान एक व्ययपूर्ण प्रक्रिया है जिसे सभी फर्म वहन नहीं कर पातीं । फलतः धन और समय के अभाव में शुद्ध पूर्वानुमान लगाना कठिन हो जाता है ।

iii . फैशन में परिवर्तन (Change in Fashion):

सभ्यता के विकास के साथ-साथ फैशन में भी परिवर्तन होते रहते हैं । अतः फैशन सम्बन्धी परिवर्तन माँग पूर्वानुमान की सफलता में बाधक हैं ।

iv . मनोवैज्ञानिक तत्व (Psychological Elements):

वस्तु के प्रति उपभोक्ता की कुछ मनोवृत्ति होती है । वह किसी वस्तु को अधिक तो किसी को कम चाहता है । युद्ध की आशंका, अर्थनीति में परिवर्तन आदि से उसकी मनोवृत्ति बदल भी सकती है जिसके कारण माँग का पूर्वानुमान लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है ।

v . योग्य विशेषज्ञों का अभाव (Lack of Able Experts):

उचित माँग पूर्वानुमान के लिए योग्य विशेषज्ञों का होना आवश्यक है । योग्य विशेषज्ञों के अभाव में माँग पूर्वानुमान सामान्यतः गलत होते हैं ।


 

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