세계화의 의미 | 힌디어 | 경제학

세계화의 긍정적 및 부정적 영향에 대해 배우려면 힌디어로이 기사를 읽으십시오.

질문과 답변 ( 세계화의 긍정적 의미) :

वैश्वीकरण 님이 새로운 사진을 추가했습니다 ारत में, तत्कालीन वित्तमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह (पूर्व प्रधानमन्त्री, भारत सरकार) के सद्प्रयत्नों से सन् 1, 991 के पश्चात् से ही, वैश्वीकरण की नीति को अपनाने से भारतीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है और उसे विभिन्न प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक-सामाजिक लाभ प्राप्त हुए हैं.

जिन्हें निम्नलिखित प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है :

1. Infrastructure ारभूत-संरचना का विकास (인프라 개발) :

वणश्वीकरण से विभिन्न राष्ट्रों आधारभूत ढारभूत ढाँचे में परिवर्तन दृष्टिगोचर होतह ह; ं; जैसे - औद्योगिक शक्ति के वैकल्पिक स्रोतों का पता लगा है, विद्युत ऊर्जा, सड़कों, नये रेलमार्गों, नव-बन्दरगाहों, वायु परिवहन तथा दूर संचार का क्षेत्र अत्यधिक विस्तृत हो गया है.

2. बाजारों का विस्तार ( 시장 확장) :

वैश्वीकरण में व्यावसायिक संस्थाओं का आकार बहुत विशाल होता है तथा व्यावसायिक क्षेत्र भी अत्यधिक विस्तृत होता है, जिसके कारण इन संस्थाओं को सम्पूर्ण विश्व में व्यवसाय की छूट मिल जाती है तथा बाजारों का विस्तार होता जाता है.

3. 환경에 대한 의식 (Consciousness for Environment) :

वैश्वीकरण व्यवसाय के वातावरणीय घटकों की विविधता को बढ़ाता है। इससे सैन्य सन्तुलन, संसाधनों के हस्तान्तरण की सुविधाओं, व्यापारिक सम्बन्धों, दूसरे राष्ट्र की जनसंख्या, जलवायु, बीमारियों, औषधियों, अस्त्र-शस्त्र व्यापार तथा स्वास्थ्य एवं सुरक्षा लागतोंपर पूर्ण रूप से ध्यान आकृष्ट हो जाता है, जो अन्ततः सभी दृष्टि से सभी राष्ट्रों के लिए लाभप्रद होता है।

4. श्रम, पूँजी एवं सूचना प्रौद्योगिकी का स्वतन्त्र प्रवाह (노동, 자본 및 정보 기술의 자유로운 흐름) :

वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप सभी सम्बद्ध राष्ट्रों में उन्नत गुणवत्ता युक्त सूचना एवं तकनीकी, योग्य एवं अनुभवी, कार्मिक तथा कार्यशील पूँजी का स्वतन्त्र प्रवाह होता है, जिससे अर्थव्यवस्था को संबल मिलता है.

5. स्वतन्त्र प्रतिस्पर्धा का विकास (건강 경쟁 개발) :

इस प्रक्रिया के अन्तर्गत, आयात-निर्यात नीति को पूर्ण प्रोत्साहन बिना कोई बाधा उत्पन्न किये हुए प्रदान किया जाता है, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म मिलता है.

6. उत्पादन क्षमता का स्वतन्त्र निर्धारण (생산 능력의 무료 결정) :

वैश्वीकरण का यह प्रभाव होता है कि उत्पादन क्षमता का निर्धारण, स्वतः ही बाजार शक्तियप पाप पाप पाप पाप पाप प 생

7. उपयुक्त उत्पादन एवं व्यापार ढाँचे का चयन (적절한 생산 및 거래 패턴 선택) :

इसमें प्रत्येक राष्ट्र अपनी आर्थिक-सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप तथा उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए किसी वस्तु के उपयुक्त उत्पादन एवं व्यापारिक-संरचना का चयन करने के लिए स्वतन्त्र होता है.

8. 비즈니스 (이전 가능성) :

वैश्वीकरण के कारण, आपातकालीन परिस्थितियों के अन्तर्गत एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र के व्यवसायों को अपने यहाँ स्थानान्तरित कराने में सहायता करता है ताकि समाप्ति के पश्चात् वे व्यवसाय पुनः मूल राष्ट्र में हस्तान्तरित हो सकें.

9. 생산 공장 (Multiplicity of Manufacturing Plants) :

वैश्वीकरण की नीति को अपनाने से एक ही राष्ट्र के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अनेक निर्माण संयन्त्र स्थापित हो जाते हैं, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलता है तथा उनके उत्पादन का लाभ सम्पूर्ण या एक विस्तृत क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्राप्त होता है.

10. स्वदेशी बहुराष्ट्रीय निगमो का विकास (국내 다국적 개발) :

वैश्वीकरण के पश्चात् भारत में स्वदेशी, बहुराष्ट्रीय निगमों की स्थापना का दौर चल रहा है। आई.सी.आई.सी.आई., रिलायन्स, एच.डी.एफ.सी., .. अर्थव्यवस्था को भी संबल मिला है।

11. अन्य प्रभाव (기타 효과) :

현재 위치 :

(i) भुगतान सन्तुलन सकारात्मक होने लगा है।

(ii) सामाजिक क्षेत्रों जैसे – चिकित्सा, शिक्षा, परिवार नियोजन आदि पर भारी विनियोजन सम्भव हा पप पायाहहप 생생

(iii) रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने से बचत एवं विनियोग में भी भारी वृद्धि हुई हैै

(iv) राट्ट्रीय जीवन स्तर में उत्तरोत्तर सुधार होता जा रहा है।

(v) सरकार, समाज, संगठन तथा कार्मिकों के मध्य परस्पर मधुर सम्बन्ध बने हैं।

(vi) बहुराष्ट्रीय निगमों आगमन के कारण देश की बहुमुखी प्रतिभाओं का पलाय रुका है।

다음과 같습니다 : 세계화의 부정적 의미 :

वैश्वीकरण यू भूमण्डलीकरण के दुष्प्रभावों को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है :

I. व्यवसाय पर दुष्प्रभाव (비즈니스에 대한 나쁜 영향) :

व : श्वीकरण के व्यवसाय पर पड़न वाले दुष्प्रभाव निन्नलिखित हैं :

(1) 여기에 해당되는 항목이 있습니다. 1 ै ् ै स ै स स स स स स औ औ औ औ औ औ औ औ औ स स स स स स स स स स स स स ् ् ् ् ् ् ् ् ् ् ् स

(2) लघु एवं कुटीर उद्योगों के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न होने की सम्भावना प्रबल हो जाती है। इससे क्षेत्रीय विषमता को बढ़ावा मिलता है।

(3) स्वार्थी प्रवृत्ति के कारण निर्यातो को प्रोत्साहन नही मिलता है। इससे आयातित वस्तुएँ बहुत महँगी हो जाती हैं।

(4) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में निरन्तर बढ़ोतरी हानिकारक बन जाती है क्योंकि स्थानीय व्यावसायिक तथा औद्योगिक संगठनों पर बाह्य संस्थाओं का नियन्त्रण होने लगता है.

(5) संस्थाओं के अधिग्रहण करने या संविलयन करने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। इससे छोटी संस्थाओं के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो जाता है।

(6) बबे या बहुराष्ट्रीय संगठन आर्थिक क्षेत्र पर एकाधिकार करने की स्थिति में आ जाते हैं। 더 많은 사진을 보시려면 여기를 클릭하십시오

II. सामाजिक video र आर्थिक दुष्प्रभाव (사회 및 경제 관련 결과) :

현재 위치 : दु : ्प्रभाव निम्नलिखित हैं :

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(2) उद्योगों में यन्त्रीकरण बढ़ने से बेरोजगारी की सम्भावना बढ़ जाती है, जो राष्ट्र के हित के 생생

(3) बहुराष्ट्रीय निगमों को महत्व प्रदान करने से विकासशील राष्ट्रों की योजनाओं की प्राथमिकता प्रभावित होगी और इससे देश का सन्तुलित आर्थिक विकास भी प्रभावित हो सकता है.

(4) विदेशी कम्पनियों द्वारा भारतीय उद्योगों के साथ भेदभाव प्रारम्भ हो गया है। उन्हें मिलने वाली छूटों से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के कारण वंचित किया जा रहा है।

(5) बिना सरकारी संरक्षण के अनेक घरेलू व्यवसाय या व्यावसायिक संस्थाएँ बर्बाद या बन्द हपं की की कस 생생

(6) 다른 사람과 함께하는 모든 항목에 대해

 

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